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Tuesday, December 10, 2019

अरे थु है ऐसे प्यार पर

थोङा कड़वा है मगर सत्य है ।

मुझे पता है इस लाइन को पढकर बहुत सारे लङके - लङकिया गाली देंगे मुझे, मै ये नहीं कहता की प्यार करना गलत है, लेकिन ऐसा प्यार मत करो जो तुम्हारे जिस्म से करता हो। आजकल के लङके लङकिया प्यार करते हैं , बस प्यार के इजहार के 15 दिन बाद ही हम बिस्तर हो जाते हैं!

अरे थु है ऐसे प्यार पर जो प्यार निभाने के लिए अपना जिस्म का सौदा करना परे ।

चलो यहाँ तक भी मान लिया कि ये प्यार है!
तो ये कैसा प्यार जो उसी नग्न अवस्था में सेल्फी लेते हो..... ये कौन सा प्यार है साहब 
एक कङवा सत्य सुनो लङकियो, ये सेल्फी इसलिए लेते है क्योंकि तुम्हे ब्लैकमेल करे और बार बार तुम उसकी रखेल बन कर रहो! और जिस दिन मना कर दिये कि नही मुझे ये सब अच्छा नही लगता है क्यु करते हो ये सब, उस दिन पता है क्या होगा, वही अर्ध नग्न फोटो फेसबुक पे और व्हाट्सएप्प पर वायरल किया जायेगा ।

तो उस दिन सोचो तुम्हारे परिवार वालो पर क्या बितेगा ? 

तुम्हारे 5 मिनट के मजा से तुम्हारे परिवार वालो को जिंदगी भर का सजा मिलेगा, अरे थु है ऐसे प्यार पर !

अत: आप सब लङकियो से आग्रह है कि ऐसा कोई भी काम ना करे जिससे आपके परिवार को समाज में नजर झुकाकर चलना पङे, क्युकी ये जो इज्जत होती है सबसे अनमोल चीज है बाबु मेरे इसे बनाने में बहुत वक्त लगता है लेकिन बिगाडने  के लिए एक गलती ही काफी है ।

मै एक बार फिर कहता हूँ,
प्यार करना गलत बात नहीं,
लेकिन प्यार जिस्म से नही जान से करो, 
वैसा प्यार मत करो जिससे आपके परिवार वालो को इज्जत नीलाम करना पङे ।

बहुत लङकिया मुझसे एक सवाल करेंगी कि तुम लङकियो को समझाने से अच्छा लङको को समझाओ 

तो सुनो तुम्हारी मर्जी के खिलाफ लङको के बाप की भी औकात नही है की वो तुम्हे टच करे ।

Monday, December 9, 2019

बलात्कार अचानक इस देश मे क्यो बढ़ गए ?

आओ देखे समस्या कहां है! और  कुछ समझने की कोशिश करें!

बलात्कार अचानक इस देश मे क्यो बढ़ गए ?

कुछ उद्धरण से समझते हैं,

1) लोग कहते हैं कि रेप क्यों होता है ?

एक 8 साल का लडका सिनेमाघर मे राजा हरिशचन्द्र फिल्म देखने गया और फिल्म से प्रेरित होकर उसने सत्य का मार्ग चुना और वो बडा होकर महान व्यक्तित्व से जाना गया ।

परन्तु आज 8 साल का लडका  टीवी पर क्या देखता है ?

सिर्फ नंगापन और अश्लील वीडियो और फोटो ,मैग्जीन में अर्धनग्न फोटो ,पडोस मे रहने वाली भाभी के छोटे कपडे !!

लोग कहते हैं कि रेप का कारण बच्चों की मानसिकता है ।पर वो मानसिकता आई कहा से ?
उसके जिम्मेदार कहीं न कहीं हम खुद जिम्मेदार है । कयोकि हम joint family नही रहते । हम अकेले रहना पसंद करते हैं । और अपना परिवार चलाने के लिये माता पिता को बच्चों को अकेला छोड़कर काम पर जाना है । और बच्चे अपना अकेलापन दूर करने के लिये टीवी और इन्टरनेट का सहारा लेते हैं ।
और उनको देखने के लिए क्या मिलता है सिर्फ वही अश्लील वीडियो और फोटो तो वो क्या सीखेंगे यही सब कुछ ना ?
अगर वही बच्चा अकेला न रहकर अपने दादा दादी के साथ रहे तो कुछ अच्छे संस्कार सीखेगा ।
कुछ हद तक ये भी जिम्मेदार है ।

2) पूरा देश रेप पर उबल रहा है,!

छोटी छोटी बच्चियो से जो दरिंदगी हो रही उस पर सबके मन मे गुस्सा है, कोई सरकार को कोस रहा, कोई समाज को तो कई feminist सारे लड़को को बलात्कारी घोषित कर चुकी है ! लेकिन आप सुबह से रात तक कई बार Sunny Leon के कंडोम के add देखते है ! फिर दूसरे add में रणवीर सिंह शैम्पू के ऐड में लड़की पटाने के तरीके बताता है! ऐसे ही Close Up, लिम्का भी दिखाता है लेकिन तब_आपको_गुस्सा_नही_आता है, है ना ?

आप अपने छोटे बच्चों के साथ music चैनल पर सुनते हैं 
दारू बदनाम कर दी ,
कुंडी मत खड़काओ राजा,
मुन्नी बदनाम , चिकनी चमेली, झण्डू बाम , तेरे साथ करूँगा गन्दी बात, और न जाने ऐसी कितनी मूवीज गाने देखते सुनते है तब _आपको_गुस्सा_नही_आता ??

मम्मी बच्चों के साथ Star Plus, जी TV, सोनी TV देखती है जिसमें एक्टर और एक्ट्रेस सुहाग रात मनाते है । किस करते है । आँखो में आँखे डालते है और तो और भाभीजी घर पर है, जीजाजी छत पर है, टप्पू के पापा और बबिता जिसमे एक व्यक्ति दूसरे की पत्नी के पीछे घूमता लार टपकता नज़र आएगा पूरे परिवार के साथ देखते है ।इन_सब_serial_को_देखकर_आपको_गुस्सा_नही_आता ??

फिल्म्स आती है जिसमे किस (चुम्बन, आलिंगन), रोमांस से लेकर गंदी कॉमेडी आदि सब कुछ दिखाया जाता है ।
पर आप बड़े मजे लेकर देखते है 
इन_सब_को_देखकर_आपको_गुस्सा_नही_आता ??

खुलेआम TV- फिल्म वाले आपके बच्चों को बलात्कारी बनाते है, उनके कोमल मन मे जहर घोलते है ।तब_आपको_गुस्सा_नही_आता ?

क्योकि आपको लगता है कि रेप रोकना सरकार की जिम्मेदारी है । पुलिस, प्रशासन, न्यायव्यवस्था की जिम्मेदारी है ....
लेकिन क्या समाज, मीडिया की कोई जिम्मेदारी नही । अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में कुछ भी परोस दोगे क्या ?

आप तो अखबार पढ़कर, News देखकर बस गुस्सा निकालेंगे, कोसेंगे सिस्टम को, सरकार को, पुलिस को, प्रशासन को , DP बदल लेंगे, सोशल मीडिया पे खूब हल्ला मचाएंगे, बहुत ज्यादा हुआ तो कैंडल मार्च या धरना कर लेंगे लेकिन....

TV, चैनल्स, वालीवुड, मीडिया को कुछ नही कहेंगे । क्योकि वो आपके मनोरंजन के लिए है । 
सच पुछिऐ तो TV Channels अशलीलता परोस रहे है, पाखंड परोस रहे है , झूंठे विषज्ञापन परोस रहे है , झूंठेऔर सत्य से परे ज्योतिषी पाखंड से भरी कहानियां एवं मंत्र , ताबीज आदि परोस रहै है ।
उनकी भी गलती नही है, कयोंकि आप खरीददार हो .....??
बाबा बंगाली, तांत्रिक बाबा, स्त्री वशीकरण के जाल में खुद फंसते हो ।

3) अभी टीवी का खबरिया हैदराबाद के गैंगरेप की घटना पर समाचार चला रहा है |

जैसे ही ब्रेक आये : 
पहला विज्ञापन बोडी स्प्रे का जिसमे लड़की आसमान से गिरती है ,
दूसरा कंडोम का , 
तीसरा नेहा स्वाहा-स्नेहा स्वाहा वाला , 
और चौथा प्रेगनेंसी चेक करने वाले मशीन का......
जब हर विज्ञापन, हर फिल्म में नारी को केवल भोग की वस्तु समझा जाएगा तो बलात्कार के ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलना निश्चित है ......

क्योंकि
"हादसा एक दम नहीं होता,वक़्त करता है परवरिश बरसों....!"
ऐसी निंदनीय घटनाओं के पीछे निश्चित तौर पर भी बाजारवाद ही ज़िम्मेदार है ..

4) आज सोशल मीडिया इंटरनेट और फिल्मों में पोर्न परोसा जा रहा है ।

तो बच्चे तो बलात्कारी ही बनेंगे ना,

ध्यान रहे समाज और मीडिया को बदले बिना ये आपके कठोर सख्त कानून कितने ही बना लीजिए, ये घटनाएं नही रुकने वाली है ।

इंतज़ार कीजिये बहुत जल्द आपको फिर केंडल मार्च निकालने का अवसर , हमारा स्वछंद समाज, बाजारू मीडिया और गंदगी से भरा सोशल मिडीया देने वाला है ।

अगर अब भी आप बदलने की शुरुआत नही करते हैं तो समझिए कि ......

फिर कोई भारत की बेटी निर्भया, गीता, दिव्या, संस्कृति, प्रियंका की तरह बर्बाद होने वाली है

और जो भी कमी इसके बाद रह जाती है
वो ये बोलीवुड की वेस्याएँ पूरा कर देती है